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आध्यात्मिकता

शिवलिंग पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए
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शिवलिंग पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए

हर हर महादेव ! शिव भक्तो को। क्या आपको मालूम है की वह कोनसी कोनसी चिज़े है शिवपुराण के अनुसार जो शिवलिंग पर भूल से भी नहीं चढ़ानी चाहिए ? - हम कई बार यह भूल कर बेथते है। हमे यह तो ज्ञात होता है की शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए - किन्तु हम यह नहीं जानते की शिवलिंग पर कोनसी चिज़े भूल से भी नहीं चढ़ानी चाहिए ! आइए, आज हम यह चीज़ों के बारे में जानेंगे, शिवपुराण के अनुसार अगर शिवलिंग पर यह चिज़े भूलसे भी चढ़ा दी जाय तो भगवान शंकर प्रसन्न होने के स्थान पर अपने भक्त से रुस्त हो जाते है ओर साथ ही साथ भगवान नारायण ओर माता लक्ष्मी जी भी रुस्त हो जाते है। Tulsi तुलसी मित्रो तुलसी के बिना भगवान नारायण की पूजा कभी भी संपन नहीं होती परंतु शिवलिंग पर भूलसे भी तुलसी को नहीं अर्पण करना चाहिए। क्यूकी तुलसी के पति राक्षस जालंदर का भगवान शिव ने वध किया था ओर तुलसी लक्ष्मी स्वृपा भी ...
राम रावण से केसे जुड़े थे ?
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राम रावण से केसे जुड़े थे ?

राम के पिता दशरथ थे उनको कोई बच्चे नहीं थे - उस समय राजा का फर्ज बनता था के वो अपने पेढ़ी को आगे बढ़ाए। लेकिन दशरथ राजा को बच्चा नहीं था इस लिए ऋषि श्रृंग के द्वारा अश्वमेघ यज्ञ करवाया जा रहा था। ऋषि श्रृंग के द्वारा राजा दाशरथ के अश्वमेघ यज्ञ की तैयारी केसी की गई थी यह जानने के लिए आप " राम जी के जन्म के लिए अश्वमेघ यज्ञ की तैयारी.. " यहा क्लिक करके पढ़ सकते हो। आओ अब हम यह देखे की राम रावण से केसे जुड़े थे, राजा दशरथ के पुत्र प्राप्ति के लिए, ऋषि ऋष्यश्रृंगा द्वारा किया, अश्वमेध यज्ञ इतना ताकतवर था कि, स्वर्ग में, देवी, देवता, गंधर्वा और सिद्ध अपना भाग या offerings लेने खुद पहुंचे। ऐसा लग रहा था की पूरा स्वर्ग पृथ्वी के आस-पास आ कर खड़ा हो गया था। साक्षात ब्रह्मा भी वहाँ आए। तब सभी ने सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा देव को अपनी तकलीफ़ सुनाई। उन्होंने कहा की रावण नाम के दैत्य ने तीनों लोक...
रामनवमी की राम जी से जुड़ी कुछ बाते
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रामनवमी की राम जी से जुड़ी कुछ बाते

दोस्तो, आज में आपको राम जी के जन्म से जुड़ी कुछ बाते बताने वाला हु तो आइए 'रामजी का नाम लेके शुरू करते है - जय श्री राम रामजी के पिता दशरथ। उनको बच्चे नहीं थे लेकिन वह बोहोत समृद्ध राजा थे। बच्चे की बात बहुत सोच विचार के बाद, राजा दशरथ ने अपने सारथी सुमंत्र की सलाह मांगी। जवाब में सुमंत्र ने ऋष्यश्रुंगा ऋषि की कहानी उन्हें सुनाई ओर उनके पास यज्ञ करवाने की बात हुई। ऋषि श्रुंगा ओर और बोहोत सारे विधवान साधु, पंडितो के पास अश्वमेघ यज्ञ कराया गया। पृथ्वी पर, अश्वमेघ यज्ञ के अंत की और जब राजा दशरथ ने पवित्र अग्नि में आहुति दी तब उस आग से एक तेजस्वी सृजन बाहर आए। उन्होंने दशरथ से कहा कि मैं वैकुंठ लोक से भगवान विष्णु का संदेश लेकर आया हूं। तुम्हारा अश्वमेध यज्ञ सफल रहा। आशीर्वाद स्वरूप तुम्हें यह पायसम भेजा गया है। इसे खाने से तुम्हे उत्तम स्वास्थ्य मिलेगा और तुम्हारी पत्नियों को इस ही प्रस...
आरती से जुड़ी 2 खास बात
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आरती से जुड़ी 2 खास बात

" आरती " - यह एक ऐसी चीज़ है जो सबको करनी पसंद आती है। जो भी इंसान हो जेसा भी इंसान हो उसे भक्ति करने का ज्यादा मन ना भी क्यू ना होता हो लेकिन अगर घर में यातो मंदिर में आरती हो रही हो तो वो उस आरती है भाग लेता ही है। ओर मुझे लगता है की आरती ही एक ऐसी चीज़ है जिसमे हम भगवान से जबसे जल्दी ओर आसानी से जुड़ते ( connect ) है ओर उनका आशीर्वाद पा सकते है। = आरती करने से हमारी और उनकी ऊर्जा का संपर्क होता है। ऊर्जा की बात आई है तो चलो सबसे पहले मैं आपको आरती करते समय हम जिस प्रकार से आरती करते है उसके पीछे का कारण बताता हु, 1 - आरती करते समय हम गोल-गोल " 〇 " आरती करते है ( circular motion ) ओर हम साथ में infinity sign " ∞ " में भी आरती उतारते है, चलो इसके बारे में मैं आपको कुछ बताता हु। हमारा शरीर 5 तत्वो से बना होता है - " आकाश, पृथ्वी, पानी, अग्नि, वायु "। जिसमे एक तत्व आकाश है, आकाश का म...
भगवान शिव से सीखने वाली 5 बड़ी बाते
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भगवान शिव से सीखने वाली 5 बड़ी बाते

भगवानो मैं शिव ही एक ऐसे भगवान है जो अपने भक्तो पर जल्दी प्रसन्न होते है, इसी लिए उन्हे भोलेनाथ भी कहा जाता है। हिन्दूओ में शंकर को बोहोत माना जाता है और रामायण में भी कहा गया है की शिवजी की सेवा - पूजा के बिना तुम्हारी सारी भक्ति बेकार है। शंकर जी का जेसे नाम महान है वेसे ही वोभी महान है - तो चलो आज शंकर जी से हम 5 बाते सीखते है, बोलो भक्तो " ॐ नमः शिवाय " 1. भगवान शंकर के गले मे सर्प माला सिखाती है की, जीवन में अहंकार को नियंत्रण मैं रखना शुरू कीजिए - अपने EGO को काबू करे। भगवान कहते है की देने वाला "राम" है और लेने वाला भी "राम" है - तो मनुष्य तुम किस चीज़ का अभिमान करते हो। 2. भगवान शंकर की तीसरी आख सिखाती है की, जीवन में त्रि नेत्र का उपयोग कीजिए, यानि की विवेक के साथ चीज़ों को देखना शुरू कीजिए ( विवेक से निर्णय लीजिए )। कई बार चिजे हमे गलत दिखाई देती है और हम गलत फेसरे...
शिव मंदिर में तीन बार ताली क्यों बजाई जाती है
आध्यात्मिकता

शिव मंदिर में तीन बार ताली क्यों बजाई जाती है

आओ, सुने की शिव जी के मंदिर में तीन बार ताली क्यू बजाई जाती है, ... सबसे पहले मैं आपको यह बताता हु की लोग क्या कहते है ताली बजाने के बारे में, काफी लोग ऐसा कहते है की मंदिर में आते - मंदिर में ताली इसलिए बजाई जाती है की भगवान को ढ़ोल, नगाले बोहोत पसंद आते है, हम काफी बार मंदिर में जाते है सब के पास ढ़ोल-नगाले वो सब नहीं होते ओर मंदिर मे हर बार हम ढ़ोल-नगाले ले कर जा पाए यह मुमकिन नहीं है इसलिए हम मंदिर में ढ़ोल-नगाले की जगह पर ताली का नाद करते है। दोस्तो, कई लोग ऐसा भी मानते है की ताली हम भगवान को जगाने के लिए ओर उनको बताने के लिए की उनका बच्चा - उनका भक्त उनसे मिलने आया है। कई लोग ऐसा भी कहते है की भगवान शिव को डमरू बोहोत पसंद है इसलिए हम उनके सामने डमरू के जगे पर ताली का नाद करते है, जिसके वजे से शिव प्रसंद होते है। शिव मंदिर में तीन बार ताली क्यों बजाई जाती है और बजाने से क...
शिवपार्वती जी की महा शिवरात्रि
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शिवपार्वती जी की महा शिवरात्रि

" महा शिवरात्रि। " (shiv) " हर हर महादेव " शिवजी की महा शिवरात्रि तारीख 18 – फ़रवरी, 2023 को है। दोस्तो, अब सिफ़ कुछ ही दिनो मे शिव-पार्वती का दिन " महा शिवरात्रि " आने वाली है, महा शिवरात्रि के दिन की आपको बोहोत बोहोत शुभ कामनाए। आज मैं आपको शिवपार्वती की शादी की कथा सुनाने वाला हु। -- कथा है शिवविवाह की , यह कथा 'श्रीरामचरितमानस' और 'श्रीमदेवीभागवतमहापुराण' मे मिलती है। - इस कथा के अनुसार एक बार शिवजी को सती माता ने पूछा था की आप किसका ध्यान धरते हो, तो शिवजी ने अपने आराध्य श्रीराम का परिचय दिया था। फिर शिवजी और माता सती दोनों श्रीराम को मिलने गए, उसी समय- माँ सती को भ्रम हो गया था की ऐसा केसे हो सकता है की निराकार भगवान साकार हो जाए और साकार हो भी गया तो अपनी स्त्री को ढूंढ रहा है वो तो अंतरयामी है उनको तो पता होना चाहिए की उनकी पत्नी कहा है - शंकर जी माता सती को समजाते है, ...
Aura को बढ़ाए केसे! (भाग -3)
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Aura को बढ़ाए केसे! (भाग -3)

हमने इसके पहले वाले भाग " Aura क्या काम करता हे " इसके बारे मे बातचित की थी ओर आज हम बात करेंगे Aura / ऊर्जा को बढ़ाने के बारे मे, वेसे aura ये जो ऊर्जा है वो नेगेटिव मे भी बढ़ सकती है लेकिन वेसि चीज़ करनी ही क्यू है जिससे हमारा कोई फाइदा ना होय + हम अगर कोई चीज़ पर ध्यान दे रहे है या कोई चीज़ कर रहे है तो वो चीज़ अच्छी तरफ ही ले जाएंगे ना, जिससे हमे उसमे से फाइदा मिले। Aura बढ़ाने मे ओर साफ करने मे पहले तो खुश रहने का ओर अच्छे विचार रखने का जिसके वजे से ऊर्जा बढ़ती है। ये तो आपको मालूम ही है ओर मेने ये बात आगे के भाग मे कही है। हम ये '3 भाग' तक आ गए है इसलिए आपको येतो मालूम चल ही गया होगा की Aura कोई static नही है मतलब की हम aura को कम - ज्यादा कर सकते है। positive thinking (सकारात्मक विचार), meditation (ध्यान करना), binary music (music जो आपके सब-conscious mind को अच्छा महसूस करवाता...
Aura क्या काम करता है (भाग – 2)
आध्यात्मिकता

Aura क्या काम करता है (भाग – 2)

हमने Aura के पहले भाग मे देखा की Aura क्या है। - आज हम देखेंगे की Aura - ऊर्जा जो है वो काम क्या करती है! Aura को एक आसान भाषा मे बोलू तो - vibes क्या है! (आप बोलते होना की इसकी vibes अच्छी नही आ रही - ये कुछ अच्छा व्यक्ति नही लग रहा -- ओर किसी किसी मे बोहोत अच्छी vibes आती है तो आपको भी उस इंसान से बात करना अच्छा लगता है। ) ये तो आपको मालूम ही होगा! तो aura / ऊर्जा वो एक प्रकार की vibes ही है (आप ऐसा भी कह सकते हो की vibes ही Aura / ऊर्जा है। आपका ईसपे क्या विचार है हमे जरूर बताना! )। ये जो Aura है - ये जो ऊर्जा है उसे हम बदल सकते है ओर ऊर्जा को ज्यादा भी कर सकते है। जेसा व्यक्ति होता है वेसी ही उसके आजू बाजू की ऊर्जा होती है अगर व्यक्ति हतास, निरास होता है तो उसकी ऊर्जा उसके जेसी निरास रहती है मतलब की negative रहती है ओर ऊर्जा उसकी कम होती है, ओर दूसरे और जो हसमुख होता है उसकी ऊर्...
Aura (आभामंडल) के बारे में
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Aura (आभामंडल) के बारे में

आज हम कुछ अलग Enigmatic (रहस्यपूर्ण) - Spiritual (आध्यात्मिकता) चीज़ की बात करेंगे। - आपने Aura का नाम तो सुना होगा जिसे "आभामंडल" कहते है। आपको छोटे शब्द मे कहे तो इसे एक ऊर्जा, Energy, आप Vibes भी कह सकते हो, ये Aura एक प्रकार की Vibration है + जो हमारे शरीर के आजू-बाजू रहता है। सिफ़ हमारे ही नही कोई जानवर, कोई पदार्थ, कोई चीज़ - जेसे की कोई table : table के आजू बाजू भी ऊर्जा (Aura) रहता है। Aura को हम देख सकते है की नही वोह बात महत्व की नही है + महत्व की बात यह है की Aura / ऊर्जा को हमारा subconscious mind ( अवचेतन मन ) उस ऊर्जा को फील कर सकता है। subconscious mind ( अवचेतन मन ) के वजे से हमे दूसरे इंसान की vibes अच्छी ओर अजीब लगती है। (हम कहते है ना की उस इंसान की vibes बोहोत अच्छी है, उस इंसान से बात करने मे अच्छा लगता है + तो जो वो vibes है ना वो Aura / ऊर्जा है।) चलो ...